हिमाद्री तुंग शृँग से

हिमाद्री तुंग शृँग से
प्रबुद्ध शुद्ध भारती
स्वयंप्रभा समुज्जवला
स्वतंत्रता पुकारती

अमर्त्य वीर पुत्र हो
दृढ प्रतिज्ञ सोच लो
प्रशस्त पुण्य पंथ है
बढे चलो बढे चलो

असंख्य कीर्ति रश्मियाँ
विकीर्ण दिव्य दाह सी
सपूत मातृभूमि के
रुको न शूर साहसी

अरीत सैन्य सिंधु में
सुबविग्न से जलो
प्रवीर हो जयी बनो
बढे चलो बढे चलो

- जयशंकर प्रसाद